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प्रेमचंद जी के जन्मशती वर्ष 1980 में डॉ राम नारायण शुक्ल द्वारा लमही में वृहद् कार्यक्रम किया गया था

 31 Jul 2121, 08:07 PM
प्रेमचंद जी के जन्मशती वर्ष 1980 में डॉ राम नारायण शुक्ल द्वारा लमही में वृहद् कार्यक्रम किया गया था

31 जुलाई प्रेमचंद जी के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्तमान समय में कोविड-19 जैसी महामारी से बहुत सी बाधतायें हैं लेकिन बहुत से लोग अपने-अपने तरीके से प्रेमचंद जी को याद कर रहे हैं। 40 वर्त पूर्व 11 जनू 1980-81 प्रेमचंद जी का जन्मशती वर्ष था। डॉ राम नारायण शुक्ल के संयोजन में प्रेमचंद जी के गांव लमही में तीन दिवसीय सम्मेलन हुआ था।

11 जून 1980 के दिन वृहद कार्यक्रम हुआ जो प्रेमचंद जी पर केंद्रित था, जिसमें गोष्ठी, चित्रों की प्रदर्शनी, कवि सम्मेलन, नाटक का कार्यक्रम हुआ था। यह वर्ष प्रेमचंद जन्मशती वर्ष भी था। गोष्ठी में राम नारायण शुक्ल ने प्रेमचंद की विरासत' पर एक निबंध पढ़ा था। प्रेमचंद जी की जहाँ मूर्ति लगी है इस प्रांगण में प्रेमचंद जी के सोद्देश्य को उद्धरण को आकर्षक एवं सुंदर अक्षरों में तख्तियों पर अंकित थे। तथा प्रेमचंद की कहानियों के विविध प्रसंगो पर चित्रकार व प्रसिद्ध पत्रकार सुशील त्रिपाठी जी मधु अरोड़ा जी के चित्रों की प्रदर्शनी लगाई गई थी।

इसी दिन सायंकाल कवि सम्मेलन हुआ था जिसका संचालन डॉ अवधेश प्रधान ने किया था। इसके पश्चात, प्रेमचंद की अमर कृति गोदान पर गोरखपुर के कलाकारों द्वारा नाटक की प्रस्तुति की गई थी।

डॉ राम नारायण शुक्ल ने 31जुलाई 1984 में 'लमही चलो' का आयोजन किया था जिसमें त छात्रों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थित में लमही पहुंचे थे और प्रेमचंद की चर्चित कहानी सद्गति का नाट्य रूप प्रस्तुत किया था। आज 31 जुलाई जो प्रेमचंद जी का जन्मदिवस है।

40 वर्ष पूर्व उनके गाँव जो आज अब शहर का रूप ले रहा है। डॉ शुक्ल ने 1980 में उनके जन्मशती वर्ष के रूप में एक वृहद व सफल कार्यक्रम करवाये थे जिन्हें आज के दिन हम उस कार्यक्रम को प्रेमचंद जयंती पर याद कर रहे हैं।